श्रंखला एवं कैटलॉग

पुस्तकालय का ध्याथन अब इस ओर केन्द्रित हो रहा है कि भारतीय एवं एशियाई मूल की पांडुलिपियों के जो सूचीपत्र विश्व के सभी भागों में प्रकाशित हुए हैं, उन प्रकाशित सूचीपत्रों का पूरा संग्रह तैयार किया जाए। अभी तक कैटलॉगों का कैटलॉग तैयार करने के अलावा केन्द्रो ने भारत, यूनाइटिड किंगडम, अमेरिका, फेडरल रिपब्लिवक ऑफ जर्मनी, जर्मन डेमोक्रेटिक रिपब्लिगक, फ्रांस, इटली और जापान के पुस्ततकालयों/शोध संस्थारनों से संस्कृत, फारसी, अरबी की प्रमुख पांडुलिपियों के सूचीपत्र अवाप्तक कर लिए हैं। श्रृंखला अवाप्ति‍ कार्यक्रम में एलडी श्रृंखला; एकोल दे फ्रांस; भारतीय अध्ययन संस्थान, पांडिचेरी श्रृंखला; के.पी. जायसवाल अनुसंधान संस्थान, पटना; शतपिटक श्रृंखला; बिबिलियोटेका इंडिका, चौखम्भा श्रृंखला; गायकवाड़ ओरिएंटल श्रृंखला, बड़ौदा; पाली टेक्स्ट सोसाइटी श्रृंखला; राजस्थान पुरातन ग्रंथमाला; सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ग्रंथमाला; श्री अनंताचार्य इंडोलॉजिकल अनुसंधान संस्थान श्रृंखला; वूलनर इंडोलॉजिकल सीरीज़ तथा अन्य अनेक श्रंखलाएं शामिल हैं।